रिश्ते अच्छे रखने का मतलब यह नही है कि हमेशा पति पत्नी या प्रेमी प्रेमिका की बात की जाए। आपके रिश्ते अपने ऑफिस में भी लोगों के साथ अच्छे होने चाहिए। जब ऑफिस में रिश्ते अच्छे होते हैं तो वहां का माहौल अच्छा होता है औऱ जब सब अच्छा रहता है तो आपका मूड भी अच्छा रहता है। हालांकि इसके लिए आपके अंदर काबिलियत होना भी जरुरी है। मक्खन बाजी करने से आपके रिश्ते अच्छे नहीं होगे। जब आप खुद की काबिलियत साबित करते हैं तो लोग अपने आपको पसंद करने लगते हैं। अगर आप भी एक अच्छे टीम लीडर बनना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बातचीत का तरीका

अगर आप खुद को एक टीम लीडर बनते देखना चाहते हैं तो आपके अंदर बातचीत की कला होनी चाहिए। अब आप सोचेंगे की बात तो कोई भी कर सकता है, लेकिन एक आम कर्मचारी के बात करने में और एक टीम लीडर के बात करने में फर्क होता है। सबसे पहले अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश करें। कोशिश करें कि आप काम में तो सख्ती बरतें, लेकिन आपके शब्दों में सरलता होनी चाहिए।

लीडरशीप क्वालिटी

एक लीडर का मतलब होता है दूसरे को लीड करने वाला। अगर आप खुद को एक टीम लीडर साबित करना चाहते हैं तो सबसे पहले एनर्जी दिखाए और आलस छोड़े। अगर आप खुद कोई काम करने में आलस दिखाएंगे तो आप अपने कलीग्स से कैसे काम जल्दी करने की उम्मीद कर सकते हैं। एक मजबूत लीडर का उदाहरण उनके सामने रखें। इससे उन्हें भी प्रेरणा मिलेगी औऱ साथ ही आप भी खास महसूस करेंगे।

विश्वास

एक अच्छा टीम लीडर कभी मैं सोचकर नहीं बल्कि हम सोचकर काम करता है। आपका काम टीम लीड करने का है। यह बिल्कुल ना सोचे कि सारा काम आप खुद ही कर सकते हैं। अपने टीम मेट्स पर भरोसा रखें। उन्हें लक्ष्य के लिए बताए और प्रेरित करें। साथ ही उन्हें विश्वास दिलाएं कि आपको उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा है।

मतभेद को ना लाएं बीच में

जाहिर सी बात है कि जब लोग अलग हैं तो उनके विचार भी अलग होंगे। हो सकता है कि आपके विचार आपके किसी सहकर्मी को ना पसंद आते हों, लेकिन इसे लेकर आपसी मतभेद ना पैदा करें। अपने काम पर फोकस करें। इसे बात का ध्यान दें कि आपकी टीम में कोई ग्रुपिंग ना हो। अगर वह गुटों में बंटने लगे तो आपके टीम लीडर होने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

सकारात्मक सोचें

अगर कभी कोई ऐसा प्रोजेक्ट आ जाए जिसे करना बेहद ही मुश्किल हो या फिर ऑफिस में कोई तनावपूर्ण स्थिति आ जाए तो इसे सकारात्मक तरीके से सोचें। अगर टीम लीडर होकर आप घबराने लगेंगे तो आपके सहकर्मियों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। खुद पर भी यकीन रखें और अपने सहकर्मियों पर भी भरोसा रखें। बुरे वक्त या कठिन प्रोजेक्ट का मिलकर सामना करें.

ईमानदारी है जरुरी

अगर आप अच्छे टीम लीडर बनना चाहते हैं तो कर्मचारियों के बीच ईमानदारी जरुर दिखाएं। जहां सख्ती बरतनी हो वहां सख्ती भी बरतें। निजी रिश्तों को कभी भी ऑफिस में हावी ना होने दें। अपने सहकर्मियों का सही मार्ग दर्शन करें।

यह भी पढ़ें:अपने कर्मचारियों पर मेहरबान हुआ बॉस, दिवाली पर 600 वर्कर को देगा मंहगी कार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here