भगवान जब तबाही मचाना शुरु करते हैं तो उसका सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है उसको रोकना और रोक पाना भी किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है। केरल के 15 जिलों में पिछले महीने से आई हुई बाढ़ ने इस कदर तबाही मचा रखी है कि वहां के लोगों को बिना बिजली पानी व खान पीन के रहना पड़ रहा है। लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से केरल के 15 जिलों में पानी बुरी तरह से भर गया है जिसके कारण वहां की 19500 करोड़ की अनुमानित प्रॉपर्टी का नुकसान हो चुका है और अब भी जारी है। लोगों की जीवन की मानहानि के साथ साथ ऐसी बहुत सी चीजें भी नष्ट हो गई हैं जिन्हें दोबारा से बनाना भी संभव नहीं है। स्थानीय विधायक अब्राहिम का कहना है कि उन जिलों में पानी भरने की वजह से लोग अपने घर की पहली मंजिल पर घंटों बैठते थे लेकिन अब उससे भी कहीं ज्यादा बदतर हालात पैदा होने वाले हैं इसलिए वहां की सरकार ने केरल में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

केरल में ऐसी प्राकृतिक आपदा का मंजर सौ सालों बाद देखने को मिला है और अब आशंका जताई जा रही है कि ऐसा ही हाल अब भारत के एक और राज्य में भी होने वाला है। बाढ़ पीड़ित केरल के रहने वाले पीड़ितों को मोदी सरकार द्वारा 50 करोड रुपए की राशि मुहैया कराई गई है सभी पीड़ित परिवारों को 2 लाख रुपए की राशि और अधिक चोट पहुंचे वाले लोगों को अतिरिक्त 50,000 रुपए राष्ट्रीय कोष से देने की घोषणा की गई है।

सरकार और लोगों की बहुत सारी कोशिशों के बाद अब केरल का जीवन सामान्य होने लगा है लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा अनुमान लगाया गया है कि भारत के इस राज्य पर भी केरल की तरह ही कहर बरसने वाला है। जी हां केरल जिस दर्द से अब तक उबर नहीं पाया है उस दर्द का सामना अब भारत का एक राज्य और करने वाला है इसलिए वहां पर भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मौसम विभाग द्वारा ऐसी अनुमानित जानकारी की घोषणा की गई है जिसके तहत मौसम की भयानक मार भारत के दूसरे राज्य को देखने को मिल सकती है इसलिए उन लोगों को पहले से ही सतर्क रहने की चेतावनी दी जा चुकी है। वैज्ञानिकों के अनुसार भारत का वह देश कर्नाटक है जिसे केरल की तरह ही भयंकर मार झेलनी पड़ सकती है। नेचर कम्युनिकेशन जनरल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार अब कर्नाटक पर वह कहर बरसेगा जिससे वहां की जान माल को बहुत हानि पहुंच सकती है।

वैज्ञानिकों द्वारा बताया जा रहा है कि इस भारी वर्षा का कारण ग्रीन हाउस प्रभाव है पूर्व की ओर बहने वाली हवाओं में कमी आ गई है और उस से उत्सर्जित होने वाली गैस होने प्राकृति पर बहुत गहरा असर डालना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से गर्मी के मौसम की अवधि निश्चित काल से कहीं अधिक बढ़ जाती है। जिसके फलस्वरुप बारिश की मात्रा में बहुत अधिक बढ़ोतरी हो जाती है और बहुत से राज्यों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम विभाग ने ऐसी चेतावनी दी है कि आने वाले समय में अधिक गर्मी और अधिक बारिश का सामना भारत के बहुत से राज्यों को करना पड़ सकता है जिनमें से एक है कर्नाटक।

कर्नाटक के बहुत से जिलों में लगातार बारिश की वजह से 10 से 12 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और मौसम विभाग द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि ऐसे ही हालात रहे तो कर्नाटक में जल्द ही बाढ़ वाली स्थिति पैदा हो जाएगी। मौसम विभाग के जानकारों ने ऐसी स्थिति का सामना करने के लिए कर्नाटक में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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