मध्य प्रदेश: भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों के बारे में किसी को कुछ बताने की ज़रूरत नहीं है। आए दिन पाकिस्तान अपनी दुश्मनी का नमूना दिखाता रहता है। एक तरफ़ जहाँ भारत हर समय इस प्रयास में लगा रहता है कि दोनो देशों के बीच शांति हो, वहीं पाकिस्तान आए दिन अपने नापाक इरादे ज़ाहिर करता रहता है। एक तरफ़ पाकिस्तानी सेना सीमा पर अशांति का माहौल बनाए हुए है, वहीं दूसरी तरफ़ पाकिस्तानी आतंकी सीमा के अंदर घुसकर आतंक फैलाते हैं।

इन आतंकियों से लोहा लेते समय देश के कई सपूत शहीद हो चुके हैं। लेकिन फिर भी देश के ये वीर बिना अपनी जान की परवाह किए बग़ैर आतंकियों से भिड़ने के लिए हर समय तैयार रहते हैं। जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए 6 जुलाई को एक और जवान शहीद हो गया। शहीद हुए जवान रंजीत सिंह तोमर के पार्थिव शरीर उनके गाँव रेव सोमवार को सुबह 6 बजे पहुँचा। रातभर से बेटे के पार्थिव शरीर का इंतज़ार कर रही माँ शहीद का पार्थिव शरीर आने की ख़बर पाकर दौड़ती हुई घर से बाहर गयी और ताबूत से लिपटकर रोने लगी।

सैनिक से लिपटकर बोली तुम भी तो मेरे सपूत हो:

यह नज़ारा देखकर वहाँ मौजूद हर किसी की आँखें भर आयी। शहीद बेटे का पार्थिव शरीर लेकर आए सैनिकों से लिपटकर माँ बोली बेटा रंजीत शहीद हो गया तो क्या हुआ तुम भी तो मेरे सपूत हो। सेना के जवानों ने उन्हें सम्भालते हुए ढाँढस बँधाया। सैनिक ने भी शहीद की माँ से कहा कि बिलकुल में आपका ही सपूत हूँ। जानकारी के अनुसार शहीद का राजकीय सम्मान के साथ खेत में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के छोटे भाई रामबाबू ने मुखाग्नि दी। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए आस-पास से भारी संख्या में लोग मौक़े पर पहुँचे हुए थे।

रंजीत सिंह ने दिया है देश के लिए बलिदान:

मध्य प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शहीद को कंधा दिया। अंतिम संस्कार के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा भी शहीद को श्रद्दांजलि देने के लिए पहुँचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद रंजीत सिंह के पिता प्रताप सिंह, माँ द्रौपदी, भाई हीरा सिंह, रामबाबू और बहन नैना के सिर पर हाथ रखकर हिम्मत रखने के लिए कहा। शिवराज सिंह ने कहा कि रंजीत ने देश के लिए बलिदान दिया है।

ऐसे समय में पूरा प्रदेश आपके साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद रंजीत सिंह के पिता प्रताप सिंह से कहा में भी आपका बेटा हूँ और हमेशा आपके साथ खड़ा रहूँगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की सम्मान निधि, दतिया शहर में एक फ़्लैट, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी। शहीद रंजीत सिंह के नाम पर किसी एक सरकारी संस्था का नामकरण और गाँव में शहीद के नाम का पार्क और प्रतिमा की स्थापना की घोषणा की। लेकिन इन सबसे शहीद की माँ का दुःख कम नहीं होने वाला है।

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