हमारे देश में क्रिकेट और बॉलीवुड का बहुत पुराना रिश्ता है. कई सालों पहले से ही क्रिकेट और सिनेमा के बीच रोमांस की खबरें आनी शुरू हो गयी थीं. आज के समय में भी आये दिन क्रिकेटरों का नाम बॉलीवुड की अभिनेत्रियों के साथ जुड़ता रहता है. हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने विराट कोहली के साथ शादी की है. इसके अलावा, अभिनेत्री सागरिका घटगे ने भी ज़हीर खान से शादी रचाई है. लेकिन इन सबमें सबसे मशहूर प्रेम कहानी है शर्मिला टैगोर और पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की. एक टाइम ऐसा भी हुआ करता था जब इन दोनों की प्रेम कहानी के खूब चर्चे हुआ करते थे. दोनों ही एक बड़े खानदान से ताल्लुक रखते थे. जहां मंसूर अली खान पटौदी नवाबों के खानदान से आते थे. वहीं, शर्मिला रविंद्रनाथ टैगोर की फैमिली से आती थीं.

मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला की मुलाक़ात साल 1965 में हुई थी. दोनों एक-दूसरे से पहली बार दिल्ली में मिले थे. दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिये हुई थी. पहली नजर में ही मंसूर शर्मिला को अपना दिल दे चुके थे. लेकिन शर्मिला के मन में प्यार जगाने के लिए उन्हें 4 साल लग गए. इतने कामयाब और मशहूर होने के बावजूद वह शर्मिला का दिल जीत नहीं पाए थे. कहा जाता है कि दोनों की शादी से उनके घरवाले खुश नहीं थे. शर्मिला के घरवालों को मंजूर नहीं था कि उनकी बेटी की शादी किसी नवाब से हो और मंसूर के घरवाले भी नहीं चाहते थे कि फिल्मों में काम करने वाली लड़की उनके घर की बहु बने.

लेकिन उनका प्यार इतना सच्चा था कि कड़े संघर्षों के बाद आख़िरकार दोनों ने शादी के लिए अपने-अपने घरवालों को मना ही लिया. लेकिन क्या आप जानते हैं 4 साल बाद जब शर्मिला शादी के लिए मानीं तो उन्होंने मंसूर के सामने एक शर्त रख दी. उन्होंने कहा कि जब मंसूर ये शर्त पूरी करेंगे तभी वह उनसे शादी करेंगी. क्या थी वह शर्त? चलिए आपको बताते हैं.

शादी के लिए रखी थी ये शर्त

बता दें कि मंसूर अली खान पटौदी से शादी करने के लिए शर्मिला पहले मुसलमान बनीं. उसके बाद मुस्लिम रीति रिवाजों से उनकी शादी संपन्न हुई. उन्होंने शादी के लिए शर्मिला टैगोर से अपना नाम बदलकर आयशा सुल्ताना रखा था. शर्मिला शादी के लिए मान तो गयीं लेकिन उन्होंने मंसूर के सामने एक अनोखी शर्त रख दी. उन्होंने कहा कि यदि वह उनसे शादी करना चाहते हैं तो उन्हें तीन लगातार छक्के मारकर भारत को जीत दिलवानी होगी. यह शर्त मंसूर के लिए मुश्किल जरूर थी लेकिन नामुमकिन नहीं. उन्होंने शर्मिला की ये शर्त मान ली और तीन गेंदों पर लगातार छक्के मारकर भारत को जीत दिलवाई. जब इनकी शादी हुई थी तो उस समय लोगों ने शर्त लगायी थी कि इनकी शादी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी. लेकिन दोनों ने इस बात को झूठ साबित कर दिया. आज मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर अपने बच्चों और नाती-पोतों के साथ एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं.

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