नई दिल्ली: भारत एक बहुत बड़ा देश होने के साथ ही विविधता से भरा हुआ देश है। यहाँ कई धर्मों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं। यहाँ जगह-जगह की अलग संस्कृति और मान्यताएँ हैं। इतना सब होने के बाद भी भारत एक बना हुआ है। तभी तो भारत को अनेकता में एकता का प्रतीक कहा जाता है। हर धर्म की अपनी कुछ मानताएँ और रीति-रिवाज होते हैं। लेकिन कई बार कुछ जगहों पर धर्म की मान्यताओं और बंदिशों को तोड़कर लोग उस स्थान के हिसाब से रहते हैं।

शबनम के निकाह में हुई गणेश वंदना:

आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ की मुस्लिम आबादी भी कई हिंदू मान्यताओं और रीति-रिवाजों का पालन करती है। यहाँ तक कि शादी के दौरान मुस्लिम भी श्री गणेश की पूजा करते हैं। हाल ही में गुजरात के वेरावल में एक मुस्लिम लड़की की शादी की शुरुआत श्री गणेश की पूजा के साथ हुई। दरअसल शबनम को पालने वाले हिंदू परिवार से उसका निकाह करवाया। शबनम का निकाह अब्बास के साथ हुआ लेकिन उससे पहले गणेश वंदना हुई। गुजरात में यह पहली बार नहीं हो रहा है। इस तरह के कई और मामले सामने आ चुके हैं।

शबनम के पिता ने दे दिया था उसे हिंदू परिवार को:

शबनम के पिता ने उसे एक हिंदू परिवार को दे दिया था। 20 साल का होने पर मेरामन जोरा के हिंदू परिवार ने उसकी शादी अब्बास नाम के युवक से करवा दी। जोरा ने बताया कि शबनम प्रतिदिन नमाज़ पढ़ती है, साथ ही सभी हिंदू त्योहारों में भी पूरे उत्साह के साथ भाग लेती है। जोरा के बेटे गोपाल ने बताया कि उन्होंने हमेशा से शबनम को अपने परिवार का हिस्सा माना है। शबनम को हर तरह की आज़ादी भी दी गयी। निकाह के समय शबनम के ससुराल वाले भी हिंदू रीति-रिवाज के लिए मान गए थे।

निकाह के दौरान की जाती है गणेश पूजा और गाय पूजा:

गुजरात में एक ऐसा इलाक़ा भी है जहाँ मुस्लिम समुदाय के लोग निकाह के समय कई हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। इन रिवाजों में गणेश जी की पूजा, गाय की पूजा और फुलेकू भी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें फुलेकू में दूल्हा-दुल्हन को शादी के बाद पूरे गाँव में घुमाया जाता है। गुजरात के कच्छ का रण बन्नी इलाक़े में रहने वाला मल्थारी मुस्लिम समुदाय के लोग इन हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। जानकारी के अनुसार ये समुदाय पशु पालने का काम करता है। बँटवारे के समय ये पाकिस्तान के सिंध इलाक़े से आकर यहाँ बस गए थे।

माने जाते हैं हल्दी-मंडप जैसे भी रिवाज:

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट से यह साफ़ है कि जब इस समुदाय के ऊपर एक सोध किया गया तो यह बात सामने आयी कि इस समुदाय के लोगों की शादियों में हिंदू रीति-रिवाज सामान्य बात है। बन्नी इलाक़े में 18 हज़ार से ज़्यादा हिंदू-मुस्लिम परिवार रहते हैं। दोनो मिलकर साथ-साथ सभी त्योहार मनाते हैं। अगर कोई हिंदू, मुस्लिम समारोह में पहुँचता है तो समुदाय के लोग नॉनवेज भी नहीं खाते हैं। इस इलाक़े में शादी समारोह में श्री गणेश की पूजा के अलावा हल्दी और मंडप जसे हिंदू रीति-रिवाजों का भी पालन किया जाता है।

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