दिवाली का त्यौहार बेहद ही नजदीक है। ऐसे में सभी लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं। दिवाली हिंदूओं के बड़े त्यौहार मे से एक हैं। इस दिन मां लक्ष्मी औऱ भगवान गणेश की पूजा करते हैं। धनतेरस से शुरु हुआ यह त्यौहार भाईदूज के साथ खत्म होता है। दीपावली के दिन सिर्फ दिया और पटाखे जलाने की परंपरा नहीं है। इस दिन लोग एक दूसरे को तोहफा यानी उपहार भी देते हैं। इस दिन लोग एक दूसरे को मिठाई के अलावा भी कई तरह के गिफ्ट देते हैं।हालांकि अगर आप भी अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को गिफ्ट देते हैं तो आपको थोड़ा सावधान हो जाना चाहिए।

दरअसल कुछ वस्तुएं ऐसी हैं जो दीवाली के दिन अपने किसी भी रिश्तेदार या दोस्तों को नहीं देनी चाहिए।ऐसा माना जाता है कि यह जो सामान आप दे रहे हैं उसके साथ जुड़ी हुई खुशियां औऱ सौभाग्य भी आप दूसरे को दे रहे हैं। आपको बताते हैं किन चीजों को देने में बरतनी चाहिए सावधानी।

गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति

दिवाली के दिन हर घर में गणेश लक्ष्मी की पूजा होती है। पूजा के लिए मूर्ति हमेशा स्वयं खरीद कर लानी चाहिए। इसे किसी से लेना नहीं चाहिए और देना तो बिल्कुल भी नही चाहिए। गणेश लक्ष्मी की मूर्ति को भूलकर भी किसी को तोहफे में ना दें।  मां लक्ष्मी की मूर्ति लाकर उनकी पूजा कि जाती है ताकी सालभर उनका वास रहे। अगर ऐसे में आप यह मूर्ति किसी को दे देते हैं तो आप अपने घर की संपत्ति और धन सुख भी उस व्यक्ति को दे देते हैं।

धातु की वस्तु

आप धनतेरस के दिन सोना चांदी खरीद कर घर ला रहे हैं, लेकिन इन्हें कभी किसी को दान नहीं करना चाहिए। धनतेरस औऱ दिवाली के दिन अपने घर में सोना चांदी ले आएं, लेकिन किसी को तोहफे में ना दें। इसे भी उपहार स्वरुप देने से मां लक्ष्मी दूसरे के घर में चली जाती हैं।

स्टील का सामान

अगर आप सामर्थ्य अनुसार सोने चांदी का सामान नहीं दे सकते हैं तो स्टील के सामान भी ना दें। इसे भी आप घर ला सकते हैं, लेकिन इसे उपहार में दे देने से यह सिर्फ उसके घर में बरकत करती है जिसे दी गई हो।

सिल्क

आप उपहार के रुप में कुछ भी दे सकते हैं जिनमे कपड़ा सबसे बेहतर उपहार माना जाता है। हालांकि कपड़ा देते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि सिल्क का कपड़ा तोहफे में ना दें। जिन्हें सिल्क का कपड़ा दीवाली के दिन देते हैं उनके लिए यह अशुभ हो जाता है। आप रेडीमेड कोई भी कपड़ा दे सकते हैं।

दूसरों के लिए खरीददारी

बहुत सारे लोग ग्रुप में दीपावली शॉपिंग करने जाते हैं तो वहीं दूसरे के लिए सामान खरीदने लगते हैं। इस दिन सिर्फ अपने घर परिवार के लिए शॉपिंग करें। किसी मित्र, अड़ोसी-पड़ोसी, रिश्तेदार के लिए शॉपिंग ना करें।

तेल

दिवाली की शुरुआत होने से से पहले ही दिए जलाने के लिए अपने घर में तेल और घी ले आएं। दिवाली के दिन ना तेल लें औऱ ना ही किसी औऱ को तेल दें। उपहार के रुप में भी किसी तो तेल दान ना करें और ना ही लकड़ी से बना कोई सामान लाएं।

काले रंग को कहे ना

वैसे तो रंग का कोई धर्म नहीं होता फिर भी काले रंग को बूरे का प्रतीक माना गया है। इस दिन काले रंग के कपड़े ना खुद पहनें ना किसी को गिफ्ट में दें। इस दिन लाल पीला हरा औऱ भी कई तरह के रंग है ऐसे कपड़े पहनें।काले रंग की कोई वस्तु भी गिफ्ट में ना दें।

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