हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है. इस धर्म में लोग गाय को अपनी माता मानते हैं. इसकी पूजा भारत में लोग किसी देवी की तरह करते हैं. गाय को माता मानने के पीछे केवल आस्था नहीं बल्कि कुछ अन्य वैज्ञानिक कारण भी हैं. वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो गाय से जितने भी उत्पाद प्राप्त होते हैं सभी औषधीय गुणों से युक्त होते हैं. यहां तक कि गाय के गोबर और मूत्र का भी अपना एक औषधीय महत्व होता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि कई प्रकार की दवाइयों में भी गाय के मूत्र का इस्तेमाल किया जाता है. गाय हर तरह से मनुष्य के मदद आती है इसलिए पूर्वज के टाइम से लोग इसे मां का दर्जा देते आये हैं. इस पोस्ट में हम गाय की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आज हम आपके लिए एक ऐसी खबर लेकर आये हैं जिसे पढ़ने के बाद आप का मन बैठ जाएगा. दरअसल, छत्तीसगढ़ के कोरबा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है.

बता दें कि सीएसईबी के कोरबा पूर्व कॉलोनी में जेपी राठौर रहते हैं. उन्होंने एक गाय को पाला हुआ है. कुछ दिनों से उनकी गाय काफी बीमार चल रही थी. कुछ दिनों से वह बहुत सुस्त रहने लगी थी और उसने खाना पीना छोड़ दिया था. गाय की ये हालत देखकर घरवाले बहुत परेशान थे. बाद में उन्होंने गाय को डॉक्टर को दिखाने का फैसला किया. वह उसे पशु चिकित्सक राम चन्द्र साहू के पास लेकर गए. गाय के कई सारे जांच किये गए जिसके बाद एक हैरान कर देने वाला सच सामने आया. डॉक्टर ने जो बताया वह सुनकर पूरा परिवार सन्न रह गया और जब आपको ये बात पता चलेगी तो आप भी हैरान रह जाएंगे.

जांच करने पर पता चला कि गाय के पेट में एक नहीं दो नहीं बल्कि 70 किलो प्लास्टिक है. जी हां, ये सुनने में थोड़ा अजीब लागता है पर है बिलकुल सच. पेट में इतना सारा प्लास्टिक होने की वजह से गाय सुस्त हो गयी थी और उसने खाना पीना छोड़ दिया था. डॉक्टर ने कहा कि इन प्लास्टिक को ऑपरेशन के जरिये निकाला जा सकता है. जिसके बाद परिवार ऑपरेशन के लिए मान गया और गाय के पेट का ऑपरेशन करके लगभग 70 किलो प्लास्टिक निकाला गया. गाय के पेट से प्लास्टिक के अलावा कप प्लेट, सेफ्टी पिन, आल्पिन पिन, एल्युमीनियम के तार आदि भी मिले. गाय का ऑपरेशन सफल रहा और डॉक्टर का कहना है कि वह जल्द ही स्वस्थ हो जायेगी. उन्होंने बताया कि यदि समय पर इलाज नहीं होता तो गाय का बचना नामुमकिन था. अब गाय ने इतनी प्लास्टिक कब और कैसे खाई ये कहना तो मुश्किल है लेकिन इतना तो तय है कि प्लास्टिक की थैली पर प्रतिबंध लगने के बावजूद लोग इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं. यदि आपको भी कोई प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल करते दिखे तो उसे ऐसा करने से रोके और यदि वह नहीं मानें तो उसके खिलाफ शिकायत जरूर करें.

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