कानपुर: कहते हैं किसी भी व्यक्ति की जिंदगी और मौत केवल भगवान के हाथों में ही होती है. इंसान के जन्म से पहले ही उसकी मृत्यु का समय तय होता है. ऐसे में कईं बार इंसान एक पल में हँसता खेलता होता है तो दुसरे ही पल मौत उसको आ घेरती है. कुछ ऐसा ही मामला हाल ही में देखने को मिला है. जहाँ एक 11वीं कक्षा की छात्रा को बदलते मौसम ने अपनी चपेट में ले लिया.

अक्सर आपने एक बात देखी होगी कि कुछ लोगों को बारिश के मौसम से बेहद लगाव होता है. हालाँकि बारिश में चाय के साथ पकोड़े खाना अपना अलग ही स्वाद है. लेकिन, कुछ लोग इस बारिश की चुस्कियों का मज़ा उसमे भीग के लेते हैं. उनके लिए साड़ी खुशियाँ एक तरफ़ और बारिश में भीगने का आनंद एक तरफ़ होता है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश किसी की जान की दुश्मन बन जाए तो?

दरअसल कानपुर में इन दिनों दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां कानपुर के आवास विकास हंसपुरम नौबस्ता में बारिश के दौरान छत पर नहा रही 11वीं कक्षा की छात्रा प्रिया शर्मा उर्फ रितु की बिजली गिरने के कारण मौत हो गई. बताया जा रहा है कि रितु की उम्र केवल 17 वर्ष की थी. रितु को बारिश में भीगना बहुत पसंद था लेकिन बारिश में बिजली उस पर आफत बनकर बरसेगी यह उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था. बिजली गिरने से ना केवल रितु ने इस दुनिया को अलविदा कहा बल्कि उनके घर की छत पर 2 इंच का गहरा गड्ढा भी हो गया.

वही गंगापुर कॉलोनी निवासी प्रिया के बहनोई सुशील कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी. सुशील के अनुसार उसके ससुर के निधन के बाद ही सास सुमन ने 14 सी आवास विकास हंसपुरम स्तिथ संजय सचान के लाफिंग बुद्धा स्कूल में नौकरी कर ली. प्रिया भी उनके साथ ही रहती थी और पढ़ाई में काफी तेज़ थी. बीते बुधवार को बारिश होने पर प्रिया नहाने के लिए स्कूल से घर आकर सीधा घर की छत पर पहुंच गई. लेकिन तभी अचानक उस पर बिजली आ गिरी और वह उसकी चपेट से बच नहीं पाई और मौके पर ही मृ-त घोषित कर दी गई. प्रिया को घर में ना पाकर 1 घंटे बाद सुमन जी ने उसकी तलाश करनी शुरू कर दी है और जब वह छत पर पहुंची तो उन्हें प्रिया की ला-श मिली.

सुशील कुमार ने बताया कि सास सुमन के शोर मचाने पर स्कूल  के बच्चे एवं अन्य स्टाफ प्रिया को लेकर अस्पताल पहुंचे. यहीं पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं दूसरी और बेटी की मौ-त का मंजर देखकर मां सुमन का रो रो कर बुरा हाल हो गया. सुमन ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी बेटी की मौज मस्ती ही उसकी मौ-त का कारण बन जाएगी. बारिश का माहोल सुमन और उसके परिवार वालों के लिए एक ना भूलने वाले सबक बन गया. वहीँ दूसरी और ऋतू की मौ-त से पूरा गाँव हैरान है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here